Tuesday, 11 August 2026

इश्क एहसास है

इश्क एहसास है

मेरी डायरी के कुछ पन्ने
केवल तुम्हारे ही हैं
उनमें फ्लोरोसेंट स्याही से 
लिखे हैं गीले गीले एहसास 
तुमने अपने हृदय की कलम से
कोई पन्ना खुलता है
छिटक कर वे गीला करते हैं
चुपके चुपके, 
आहिश्ता आहिश्ता
मेरी रूह को
क्या यही इश्क है ?

रामनारायण सोनी
१२.८.२६


इश्क एहसास है

इश्क एहसास है मेरी डायरी के कुछ पन्ने केवल तुम्हारे ही हैं उनमें फ्लोरोसेंट स्याही से  लिखे हैं गीले गीले एहसास  तुमने अपने हृदय की कलम से क...